Bulandshahar news:बाल श्रम पर कब चलेगा प्रशासन का डंडा?

गरीब के बच्चों से छीने जा रहे हैं उनके अधिकार बुलंदशहर( आनन्दशर्मा )- पढने- लिखने की उम्र में जहां बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए वहीं श्रम विभाग के कुछ अधिकारियों का निकम्मापन कहिए या उनकी लापरवाही को चलते बाल श्रम कराया जाता है, इस दावे को झुठलाया नहीं

Bulandshahar news:बाल श्रम पर कब चलेगा प्रशासन का डंडा?

गरीब के बच्चों से छीने जा रहे हैं उनके अधिकार बुलंदशहर( आनन्दशर्मा )- पढने- लिखने की उम्र में जहां बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए वहीं श्रम विभाग के कुछ अधिकारियों का निकम्मापन कहिए या उनकी लापरवाही को चलते बाल श्रम कराया जाता है, इस दावे को झुठलाया नहीं जा सकता है ! छोटे-छोटे बच्चे कहीं न कहीं चाय की दुकानों पर या होटल और ढाबों पर एवं कबाड कारोबार गोदामों पर मजदूरी करते देखे जा सकते हैं ! गरीबी बन रही सबसे बड़ी मजबूरी हालांकि कभी कभार अभियान चलाकर श्रम विभाग बच्चों को श्रम मुक्त कराता रहता है लेकिन बाल श्रम पर अंकुश लगाने में नाकाम ही प्रतीत होता है और इसका सबसे बड़ा कारण लगता है गरीबी ! जगजाहिर है कि भूंख तो सभी को लगती है और भूंख मिटाने

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