बुलंदशहर।
जनपद बुलंदशहर के थाना चोला क्षेत्र में फर्जी GST फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिन पर 1 करोड़ 22 लाख रुपये का GST घोटाला करने का आरोप है।
यह कार्रवाई पुलिस और संबंधित विभागों की सतर्कता का नतीजा है, जिससे एक बड़ा आर्थिक अपराध समय रहते सामने आ सका।
फर्जी फर्म बनाकर सरकार को लगाया करोड़ों का चूना
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बिना किसी वास्तविक व्यापार के कागजों पर फर्जी कंपनियां खड़ी कीं। इन कंपनियों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर ITC क्लेम किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुंचा।
इस पूरे नेटवर्क को बेहद शातिर तरीके से डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित किया जा रहा था, ताकि आसानी से पकड़ में न आया जा सके।
SP क्राइम नरेश कुमार का बड़ा बयान
एसपी क्राइम नरेश कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि—
“आरोपी लंबे समय से फर्जी GST फर्म बनाकर ITC का अनुचित लाभ ले रहे थे। जांच के बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। मामले की गहराई से जांच जारी है।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं—
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पवन भाटी पुत्र उदयवीर सिंह, निवासी ग्राम नगला बंशी, थाना चोला
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विवेक शर्मा पुत्र धीरेन्द्र कुमार शर्मा, निवासी महमूदपुर वीछट, थाना ककोड़
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कुमारी तनु पुत्री कमल किशोर, निवासी ग्राम गांगरौल, थाना चोला
तीनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद जेल भेज दिया गया है।
लैपटॉप, डेस्कटॉप और आईपैड बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से घोटाले में इस्तेमाल किए गए कई डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें—
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लैपटॉप
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डेस्कटॉप कंप्यूटर
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आईपैड
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अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड
शामिल हैं। इन उपकरणों के जरिए फर्जी फर्मों का रजिस्ट्रेशन, बिलिंग और टैक्स क्लेम किया जाता था। सभी डिवाइस को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
आर्थिक अपराधों पर सख्त रुख
पुलिस प्रशासन और GST विभाग ने साफ कर दिया है कि फर्जी GST फर्म और टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि—
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क्या इस गिरोह का नेटवर्क अन्य जिलों तक फैला है
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कितनी फर्जी फर्में बनाई गईं
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और कुल कितने रुपये का ITC गलत तरीके से लिया गया
जांच पूरी होने के बाद घोटाले की रकम और बढ़ सकती है।









