Rampur news:आदेश के बावजूद मनमानी, स्कूलों की बेलगाम वसूली जारी

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सरकार के आदेश के बाबजूद अभिभावकों की लुटाई

टांडा, रामपुर ( आनन्द शर्मा )- बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत या फिर लापरवाही से ज्यादातर प्राईवेट स्कूलों के संचालक बच्चों के उज्जवल भविष्य का सपना दिखाकर अभिभावकों के खून पसीना की कमाई को लूट अपनी तिजोरियां भरने में जुटे हैं !

एनसीआरटी किताबें लगीं तो होगी कमाई कैसे

नगर टांडा के भाजपा समर्थक समाजसेवी निलेश कुमार वर्मा ने अपने निवास पर दा एक्सप्रेस अपडेट की टीम को दिए साक्षात्कार में उक्त विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे स्कूलों में बच्चों को उच्च शिक्षा दिए जाने के नाम पर अभिभावकों से भिन्न भिन्न सुविधा प्रदान किए जाने का ढिंढोरा पीट बेहिसाब रुपया वसूला जा रहा है और अभिभावक लुटने के लिए बेबस है ! उनका कहना रहा कि सरकार के आदेश की धज्जियां उडाने के बाबजूद शिक्षा विभाग की आंखों पर पट्टी बंधी हुई क्यों है,यह समझ से परे है ! निलेश कुमार वर्मा का साफ शब्दों में कहना रहा कि स्कूलों में सरकार के आदेश के मुताबिक एनसीआरटी किताबें पढना जरुरी है तो आखिर किसके दम पर प्राइवेट स्कूलों में इस आदेश का पालन नहीं हो पा रहा है और शिक्षा विभाग सरकार के आदेश के अनुपालन में आदेश की धज्जियां उडाने वाले स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही नहीं कर पा रहा है !

 

आदेश न मानने वाले स्कूलों की खत्म हो मान्यता

उन्होंने दावा किया कि निरिक्षण किया जाए तो ज्यादातर प्राईवेट स्कूल मान्यता के लिए जरूरी मानक भी पूरा नहीं करते हैं फिर भी विभाग में पंजीकृत होने का दावा करते हैं ! बच्चों घर से स्कूल और स्कूल से घर बच्चों को लाने और वापस घर छोडने के लिए तिपहिया, चौपहिया और बसें लगा रखी हैं लेकिन क्या नियमानुसार आरटीओ आफिस में इन वाहनों की सूची अंकित कराई हुई है, क्या ऐसे वाहन मानकों को पूरा करते हैं,न तो इस ओर शिक्षा विभाग ध्यान देता है और न ही पुलिस, जबकि इनका सडक से ही आना जाना होता है !

आदेश का पालन कराने में अक्षम दिखता है शिक्षा विभाग – क्यों

कई बार ऐसे वाहनों के दुर्घटना ग्रस्त होने से बच्चों का जीवन खतरे में पड चुका है लेकिन न अभिभावक ध्यान देते हैं और न ही स्कूल संचालक जबकि ध्यान देना चाहिए ! अंत उनका कहना रहा कि सरकार वास्तव में ही प्राईवेट स्कूलों में लुट रहे अभिभावकों को राहत प्रदान करना चाहती है तो एक ही आदेश सख्ती से लागू करें कि अगर किसी भी प्राईवेट स्कूल में सरकार के आदेश के अनुरूप बच्चों को सिर्फ एनसीआरटी किताबें ही नहीं पढाई गयीं तो उस स्कूल संचालक के खिलाफ तो कार्यवाही होगी ही साथ ही स्कूल की मान्यता भी खत्म कर दी जाएगी तथा जिस क्षेत्र में स्कूल होगा उस क्षेत्र के शिक्षा विभाग के अधिकारी के खिलाफ भी सरकार के आदेश का अनुपालन न कराने के लिए कानूनी कार्यवाही की जाएगी ! सवाल उठता है कि क्या ऐसा सरकार कर पाएगी !

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