bulandshahar news:कानून की धज्जियां उड़ा रहे पुलिस-वनकर्मी, लकड़ी माफियाओं का खेल बेखौफ जारी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बुलंदशहर। सरकार द्वारा प्रतिबंधित आम, शीशम और नीम जैसे पेड़ों का अवैध कटान धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि इस पूरे धंधे में पुलिस और वनकर्मियों की मिलीभगत है। सूत्रों के अनुसार मामन रोड स्थित कई लकड़ी आढ़तों पर यदि अचानक छापा मारा जाए तो करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का सच सामने आ सकता है।

आढ़तियों और वन विभाग की गहरी सांठगांठ, कार्रवाई से पहले ही मिल जाती है भनक

स्थानीय लोगों का कहना है कि आढ़तियों और वन विभाग के बीच गहरी सांठगांठ है। जैसे ही विभागीय कार्रवाई की भनक लगती है, पूरा खेल दबा दिया जाता है। नतीजा यह कि सरकार के राजस्व खाते में जाने वाली मोटी धनराशि सीधे रिश्वतखोर वनकर्मियों की जेब में पहुंच रही है।

क्या DFO खुद कमान संभालेंगे? भ्रष्ट नेटवर्क पर गिरेगी गाज या फिर होगा लीपापोती?

गौरतलब है कि आम, शीशम और नीम जैसे पेड़ों के कटान पर रोक लगी हुई है। इसके बावजूद खुलेआम पेड़ों को गिराया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, यदि DFO खुद कमान संभालें और निष्पक्ष कार्रवाई करें तो बड़े पैमाने पर अवैध कटान उजागर हो सकता है।

 

पत्रकारों की मुहिम दबाने वालों ने सच उजागर करने वालों को जेल तक भिजवा दिया

स्थानीय लोगों ने यह भी खुलासा किया कि पहले भी कुछ पत्रकारों ने इस अवैध धंधे के खिलाफ मुहिम चलाई थी। लेकिन नतीजा यह हुआ कि कानून की धज्जियां उड़ाने वालों ने उन्हीं पत्रकारों को निशाना बनाकर जेल तक पहुंचा दिया। इससे साफ है कि भ्रष्ट नेटवर्क इतना मजबूत है कि सच सामने लाने वालों की आवाज दबा दी जाती है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार ऐसे मुलाजिमों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर पाएगी, जो कानून तोड़कर न सिर्फ अवैध कारोबार को संरक्षण दे रहे हैं, बल्कि सरकार की छवि भी खराब कर रहे हैं।

 

और पढ़ें