रामपुर: अधिवक्ता फारुख अहमद खान हत्याकांड में आरोप तय, आरोपी असगर अली को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया गया

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रामपुर (आनंद शर्मा) – चर्चित अधिवक्ता फारुख अहमद खान हत्याकांड में शनिवार को अदालत ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी असगर अली के खिलाफ आरोप तय कर दिए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी को जिला कारागार से अदालत लाया गया, जहां सुनवाई के दौरान उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया। आरोप तय होने के बाद आरोपी को वापस जिला जेल भेज दिया गया।

अब इस बहुचर्चित हत्याकांड में नियमित ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी, जिस पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हुई हैं।


घटना की पृष्ठभूमि (11 फरवरी 2026)

यह मामला 11 फरवरी 2026 का है, जब दोपहर के समय जिला पंचायत कार्यालय परिसर में अधिवक्ता फारुख अहमद खान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

जानकारी के अनुसार, मृतक अधिवक्ता फारुख अहमद खान की पत्नी गोसिया और आरोपी असगर अली दोनों ही जिला पंचायत कार्यालय में कार्यरत थे। बताया जाता है कि किसी कार्यालयी विवाद को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ा, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया।


 विवाद से हत्या तक कैसे पहुंचा मामला

घटना के दिन विवाद की सूचना मिलने पर अधिवक्ता फारुख अहमद खान अपने एक सहयोगी के साथ जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। वहां दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई।

इसी दौरान आरोपी असगर अली ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी, जिससे अधिवक्ता फारुख अहमद खान की मौके पर ही मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया और प्रशासन पर सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।


 मुकदमा दर्ज और विरोध प्रदर्शन

मृतक की पत्नी गोसिया की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में आरोपी असगर अली और तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। वकीलों ने हड़ताल कर न्याय की मांग की और कई जगहों पर हाईवे जाम कर प्रदर्शन भी किया। इस दौरान प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

अदालत में अहम कार्रवाई, आरोप तय

शनिवार को हुई सुनवाई में अदालत ने आरोपी असगर अली के खिलाफ आरोप तय कर दिए। इस दौरान कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

आरोप तय होने की प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने सभी आरोपों से इनकार किया। इसके बाद अदालत ने उसे वापस जिला कारागार भेजने का आदेश दिया।


 अब शुरू होगा नियमित ट्रायल

आरोप तय होने के साथ ही अब यह मामला ट्रायल चरण में प्रवेश कर गया है। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से गवाह, साक्ष्य और दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए जाएंगे।

इस केस को लेकर स्थानीय लोगों और अधिवक्ता समुदाय में गहरी रुचि बनी हुई है और सभी की नजर अब अदालत की आगामी सुनवाई पर है।


सुरक्षा व्यवस्था रही सख्त

अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। आरोपी को जिला कारागार से भारी पुलिस सुरक्षा में लाया गया और सुनवाई के बाद सुरक्षित वापस भेज दिया गया।

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