
जालखेड़ा ग्राम पंचायत की प्रधान रीना पद से हटाई
बुलंदशहर।बबलू राजपूत
बुलंदशहर ब्लॉक की ग्राम पंचायत जालखेड़ा में विकास कार्यों में सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम प्रधान रीना को उनके पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से पंचायत स्तर पर हड़कंप मच गया है और पूरे क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जांच में उजागर हुई वित्तीय अनियमितता
सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई कार्यों में न तो तय मानकों का पालन किया गया और न ही सरकारी धन का सही उपयोग हुआ। जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान रीना पर ₹1,43,911 (एक लाख तैंतालीस हजार नौ सौ ग्यारह रुपये) के दुरुपयोग का आरोप प्रमाणित पाया गया।
जिलाधिकारी ने दिए पद से हटाने के आदेश
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने प्रधान रीना को पद से हटाने का आदेश पारित किया। प्रशासन का कहना है कि ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों में लापरवाही या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सचिव ने हाईकोर्ट में दायर किया वाद
इस मामले में ग्राम पंचायत की सचिव अनुजा सिंह ने अपने बचाव में माननीय हाईकोर्ट में वाद दायर किया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण फिलहाल उनके खिलाफ कोई विभागीय या कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी है। जिला प्रशासन का कहना है कि सचिव के संबंध में आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार की जाएगी।
ग्रामीणों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रधान के पद से हटाए जाने के बाद ग्राम पंचायत जालखेड़ा के ग्रामीणों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई को सराहा और कहा कि इससे पंचायतों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए ताकि किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रधान के पद से हटने के बाद ग्राम पंचायत में अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।










