लौह पुरुष की 150वीं जयंती पर ऐतिहासिक रैली,में विधायक–सांसद हुए शामिल”

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संवाददाता : बबलू राजपूत

डिबाई/बुलंदशहर
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर सोमवार को क्षेत्र में ऐसा अद्भुत नज़ारा देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को राष्ट्रभक्ति और एकता के रंग में रंग दिया। भीमपुर दौराहा से शुरू हुई यह विशाल रैली जब डिबाई कुबेर इंटर कॉलेज की ओर बढ़ी, तो रास्ते भर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। क्षेत्र के हर समुदाय, हर वर्ग और हर आयु के लोग बड़े जोश के साथ इस आयोजन में शामिल हुए।

नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया ऐतिहासिक

कार्यक्रम को विशेष बनाने वाली बात यह रही कि बीजेपी के दिग्गज नेता, मौजूदा विधायक चन्द्रपाल सिंह तथा बुलंदशहर के सांसद डॉ. भोला सिंह स्वयं रैली में पहुंचे और लोगों के बीच खड़े होकर सरदार पटेल के योगदान को याद किया।विधायक चन्द्रपाल सिंह ने कहा कि आज देश जिस मजबूती के साथ खड़ा है, उसकी नींव सरदार पटेल द्वारा जोड़ी गई 563 रियासतों के एकीकरण पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राष्ट्रहित को हमेशा सर्वोपरि रखें और एकता की भावना को पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
सांसद डॉ. भोला सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने न केवल भारत को जोड़ा, बल्कि भारत को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आज की यह रैली बताती है कि समाज एकजुट होकर देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

देशभक्ति के नारों से गूंजा पूरा क्षेत्र

 

रैली के दौरान तिरंगे झंडों, बैनरों और सरदार पटेल के चित्रों से सजे लोग रास्ते भर “एक भारत—श्रेष्ठ भारत”, “सरदार पटेल अमर रहें”, “राष्ट्र एक—हम एक” और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण को गूंजाते रहे।
युवाओं की टोली ने हाथों में बड़े-बड़े तिरंगे लेकर रैली का नेतृत्व किया, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमापूर्ण बना दिया।

कुबेर इंटर कॉलेज में हुआ भव्य समापन

रैली जब डिबाई कुबेर इंटर कॉलेज पहुंची, तो वहां सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया। राष्ट्रगान और एकता-संकल्प के दौरान मौजूद भीड़ ने एक स्वर में भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
स्थानीय सामाजिक संगठनों, युवाओं और ग्रामीणों ने मिलकर कार्यक्रम को अत्यंत सफल बनाया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले वर्षों में इस प्रकार के आयोजन युवाओं को राष्ट्रसेवा की राह पर और अधिक प्रेरित करेंगे।

लोगों ने कहा — यह सिर्फ रैली नहीं, एक संदेश था

क्षेत्र के नागरिकों ने बताया कि यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की गहरी एकता और देश के प्रति समर्पण का प्रतीक थी। कई बुजुर्गों ने इसे अपने जीवन का “ऐतिहासिक और प्रेरणादायक” क्षण बताया।

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