आखिर इतने समय तक नियम विरुद्ध बैठने पर क्यों चुप रहे अफसर,
बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग में नियमों की धज्जियां उड़ाने का खेल आखिर कब तक चलेगा? ताजा मामला फार्मासिस्ट पूजा का है, जो मूल रूप से मलागढ़ में तैनात हैं। तत्कालीन सीएमओ डॉ. वी.के. सिंह ने उनका अटैचमेंट जिला शहरी विभाग में किया था, लेकिन हकीकत यह रही कि पूजा कभी वहां नहीं बैठीं। उल्टा वह लगातार सीएमएसडी स्टोर में काम करती रहीं।
मलागढ़ की तैनाती, लेकिन महीनों तक सीएमएसडी स्टोर में बैठीं पूजा
अब बड़ा सवाल यह है कि –
जब विभागीय नियम साफ कहते हैं कि स्टोर में केवल अधिकृत फार्मासिस्ट ही बैठ सकते हैं, तो पूजा को इतने समय तक वहां बैठने किसने दिया?
अफसरों की निगाहों से यह “अनियमितता” कैसे बची रही?
या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई?
अफसरों की चुप्पी ने खड़े किए गंभीर सवाल
जैसे ही मामला मीडिया की पकड़ में आया और पत्रकारों ने जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हेमंत रस्तोगी तथा सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे से जवाब मांगा, तो अफसरों ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए पूजा को सीएमएसडी स्टोर से हटाकर जिला क्षय रोग विभाग में भेज दिया।
मीडिया ने उठाई आवाज तो तुरंत बदल दी गई तैनाती
मंगलवार को पूजा ने क्षय रोग विभाग में कार्यभार संभाल भी लिया। लेकिन अब यह सवाल उठना लाज़मी है कि विभाग के अफसर आखिर कब तक इस तरह के “नियम तोड़ खेल” को नजरअंदाज करते रहेंगे?










